देवरनाम: नम्मम्मशारदॆ उमामहॆश्वरि
रचनॆ: श्री कनक दासरु
रग: मोहन / जंजूटि
ताळ: आट
नम्मम्मशारदॆ उमामहॆश्वरि
निम्मॊळगिहन्यारम्म ॥प॥
कम्मगोलन वैरिसुतनाद सॊंडिल
हॆम्मॆय्य गणनाथनॆ ॥अ प॥
मोरॆ कप्पिन भाव मॊरदगलद किवि
कोरॆदाडॆयवन्यारम्म
मूरुकण्णिन सुत मुरिदिट्ट चंद्रन
धीर ता गणनाथनॆ अम्मय्य ॥१॥
उट्टदट्टियु बिगिदुट्ट चल्लणद
दिट्ट तानिवन्यारम्म
पट्टद राणि पार्वतिय कुमर
हॊट्टॆय गणनाथनॆ अम्मय्य ॥२॥
राशि विद्यॆय बल्ल रमणि हंबलनॊल्ल
भाषिगनिवन्यारम्म
लेसागि सुजनर सलहुव नॆलॆयादि
केशवन दास काणॆ अम्मय्य ॥३॥