विजयगुरुगळंघ्रि कमल भजने माडिरो
सुजनक्रित ज्ञानाध्वर ऋत्विजन पाडिरो

विज्ञानप्रद ज्ञातव्य सुज्ञानखणि
अज्ञानॊग्रतिमिरार्कनुद्विग्न मुनिमणि
यज्ञमग्नाभिज्ञ श्रीसर्वज्ञ प्रियवाणि
विघ्नकळेदल्पज्ञर पालिप प्राज्ञावरदानि

अंभॊरुह संभवोद्भवंभॊज भ्रंग
शंभु सर्वॊत्तमा शंकारंभ मातंग
कंबुगदा अंबुजारि बिंब चिन्हांग
बिंबक्रयाभावज्ञात गुंभांतरंग

विप्रजाति विप्रळख्याति क्षिप्रफलदात
सुप्रासादवाणि अमित प्रमतियति हित
अप्रतीकालंब श्रीश स्वापरॊक्षित
अप्रबुद्धपाल कारुण्याप्राकाशित

कीर्तितव्य काव्याचार्य स्फूर्तिदायक
तीर्थक्षॆत्राद्यटन शील सार्थकायक
कार्तस्वरॆत्यादि काष्ट क्रष्णवर्त्मक
पार्थमित्र स्तॊत्ररति पुष्पसायक

द्वंदातीत बंधुरात्म नंद तुंदिल
संदर्शना दॆव पुनंति विगतविह्वल
मंदात्मनागिरलॆनिवर नंबलनुगाल
मुंदे कुणिव तंदेवेंकटॆशविठल