देवरनाम: आरु बाळिदरेनु आरु बदुकिदरेनु

स्री कनक दास

राग: मोहन

ताळ: आट

 

आरु बाळिदरेनु आरु बदुकिदरेनु

नारयणन स्मरणॆ नमगिल्लदनक            ॥प॥

 

उण्णबरदवरल्लि ऊरूटवादरॆ एनु

हण्णु बिडद मरगळु हाळादरेनु

कण्णिल्लदवगिन्नु कन्नडियिद्दु फलवेनु

पुण्यविल्लदवन प्रौढिमॆ मॆरॆदरेनु?            ॥१॥

 

अक्करिल्लदवरिगॆ मक्कळिद्दु फलवेनु

हॊक्कु नडॆयद नंटतनदॊळेनु

रॊक्कविल्लदवगॆ बंधुगळु इद्दरेनु

मर्कटन कैयॊळगॆ माणिक्यविद्दरेनु?            ॥२॥

 

अल्पदॊरॆगळ जीत ऎष्तु माडिदरेनु

बल्पंथविल्लदवन बाळ्वॆयेनु

कल्पकल्पित कागिनॆलॆयादि केशवन

स्वल्पवू नॆनॆयद नरनिद्दरेनु?                ॥३॥